नई दिल्ली, 10 जून: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने ओ-ज़ोन क्षेत्र में रहने वाले लगभग 15 लाख नागरिकों को बड़ी राहत प्रदान की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ओ-ज़ोन के अंतर्गत आने वाली 91 अनधिकृत कॉलोनियों और लगभग एक दर्जन पुराने गांवों में बने मौजूदा आवासों पर किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं की जाएगी।
इस फैसले से लंबे समय से अपने मकानों के भविष्य को लेकर चिंतित हजारों परिवारों को राहत मिलेगी। सरकार का कहना है कि इन क्षेत्रों में पहले से बने आवासों को किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।
हालांकि, दिल्ली सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यमुना बाढ़ क्षेत्र (फ्लड प्लेन) की सुरक्षा के लिए नए अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों पर कड़ी निगरानी जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले मामलों में संबंधित एजेंसियां आवश्यक कार्रवाई करेंगी।
सरकार ने कहा कि यह निर्णय एक ओर जहां लाखों नागरिकों को राहत प्रदान करेगा, वहीं दूसरी ओर यमुना के संवेदनशील पर्यावरणीय क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
दिल्ली सरकार ने दोहराया कि यमुना फ्लड प्लेन में नए अवैध निर्माणों को किसी भी स्थिति में अनुमति नहीं दी जाएगी और पर्यावरण संरक्षण के लिए सख्त कदम जारी रहेंगे।

