नई दिल्ली, 29 जून: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जी.बी. पंत अस्पताल से फरार हुए एक अंडरट्रायल कैदी को 48 घंटे के भीतर हिमाचल प्रदेश के ऊना से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर फर्जी मेडिकल इमरजेंसी का सहारा लेकर जेल से अस्पताल स्थानांतरण कराया और फिर अस्पताल के शौचालय के वेंटिलेशन के रास्ते फरार हो गया।
क्राइम ब्रांच के अनुसार, आरोपी ने अस्पताल में भर्ती होने की पूरी योजना पहले से तैयार की थी। अस्पताल पहुंचने के बाद उसने कथित तौर पर शौचालय के वेंटिलेशन से बाहर निकलकर फरार होने में सफलता हासिल की और सैकड़ों किलोमीटर दूर हिमाचल प्रदेश के ऊना पहुंच गया।
घटना की जानकारी मिलते ही क्राइम ब्रांच ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी का पता तकनीकी निगरानी (Technical Surveillance), मानव खुफिया तंत्र (Human Intelligence) तथा लगातार चलाए गए फील्ड ऑपरेशन की मदद से लगाया गया। इसके बाद उसे फरार होने के महज 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया।
यह अभियान इंस्पेक्टर महिपाल सिंह के नेतृत्व में, एसीपी सतेंद्र मोहन के मार्गदर्शन तथा डीसीपी (क्राइम ब्रांच) आदित्य गौतम की निगरानी में संचालित किया गया।
क्राइम ब्रांच ने सोशल मीडिया पर जारी जानकारी में कहा कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से फर्जी मेडिकल इमरजेंसी का सहारा लेकर अस्पताल से भागने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई और समन्वित प्रयासों ने उसके फरार होने की योजना को विफल कर दिया।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी की पहचान तथा उस पर दर्ज मूल आपराधिक मामलों का खुलासा नहीं किया है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अस्पताल से फरार होने के दौरान या हिमाचल प्रदेश तक पहुंचने में आरोपी को किसी अन्य व्यक्ति की सहायता मिली थी या नहीं। जांच जारी है.

