नई दिल्ली, 3 जुलाई: दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने गुरुवार को दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की सलाहकार परिषद (Advisory Council) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय राजधानी के सतत एवं योजनाबद्ध शहरी विकास की रूपरेखा की समीक्षा की। बैठक में दिल्ली के आगामी मास्टर प्लान, शहरी प्रशासन को मजबूत बनाने तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप राजधानी के विकास पर व्यापक चर्चा की गई।
उपराज्यपाल ने सोशल मीडिया मंच X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि बैठक में सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी और सुधांशु त्रिवेदी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान दिल्ली के नए मास्टर प्लान, नागरिक एवं संस्थागत ढांचे को मजबूत करने तथा राजधानी के समावेशी, सुनियोजित और भविष्य के अनुरूप विकास को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
उपराज्यपाल ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को स्पष्ट निर्देश दिए कि राजधानी में अवैध अतिक्रमण और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि भूमि और भवनों की रियल-टाइम निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए, ताकि अवैध कब्जों और अनधिकृत निर्माणों की समय रहते पहचान कर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
तरणजीत सिंह संधू ने कहा कि प्रौद्योगिकी आधारित निगरानी प्रणाली से सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा मजबूत होगी और शहरी विकास से जुड़ी चुनौतियों का अधिक प्रभावी ढंग से समाधान किया जा सकेगा।
उन्होंने दोहराया कि दिल्ली के बदलते शहरी परिदृश्य की चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोगात्मक, पारदर्शी और प्रौद्योगिकी आधारित दृष्टिकोण ही सबसे प्रभावी माध्यम है।
उपराज्यपाल ने “विकसित दिल्ली” के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि राजधानी को टिकाऊ, लचीला और रहने योग्य शहर बनाने के लिए योजनाबद्ध विकास, बेहतर नागरिक सुविधाएं, मजबूत संस्थागत व्यवस्था और आधुनिक तकनीक का समन्वित उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक में राजधानी के संतुलित शहरी विस्तार, बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने तथा नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए विभिन्न रणनीतियों की भी समीक्षा की गई।

