नई दिल्ली, 24 जुलाई: दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर के आसपास लगाए गए फेसियल रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) कैमरों के माध्यम से प्रदर्शनकारियों की निगरानी किए जाने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि इन्हें केवल सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लगाया गया है।
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, नई दिल्ली जिले की वर्तमान स्थिति और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्थानों पर एफआरएस कैमरे लगाए गए हैं ताकि असामाजिक तत्व, अपराधी और वांछित आरोपी जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल में प्रवेश न कर सकें।
सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस इससे पहले भी गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, होली, दिवाली, ईद और रामलीला जैसे प्रमुख आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के तहत एफआरएस कैमरों का उपयोग कर चुकी है।
सूत्रों ने कहा कि यह दावा पूरी तरह गलत है कि जंतर-मंतर के आसपास ये कैमरे प्रदर्शनकारियों की जासूसी करने के उद्देश्य से लगाए गए हैं।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा खुफिया सूचनाओं में यह भी संकेत मिले हैं कि सीमा पार सक्रिय आतंकवादी संगठन छात्र प्रदर्शनों पर नजर रख रहे हैं और देश का माहौल बिगाड़ने की साजिश रच रहे हैं।

