Delhi Cantt में PWD की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई, 40 से अधिक झुग्गियां ध्वस्त; मजदूरों ने पुनर्वास की मांग की

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नई दिल्ली: दिल्ली कैंट क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा की गई बड़ी बुलडोज़र कार्रवाई के बाद 40 से 50 झुग्गियों में रहने वाले परिवार बेघर हो गए हैं। प्रभावित लोगों में अधिकांश दिहाड़ी मजदूर और PWD के मेंटेनेंस कर्मी बताए जा रहे हैं, जो वर्षों से सड़कों की मरम्मत, सफाई, पेंटिंग और आपातकालीन कार्यों में लगे रहे हैं।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, 31 जनवरी को नोटिस जारी किया गया था, जिसके कुछ ही दिनों बाद एक साथ कई बुलडोज़र तैनात कर झुग्गियों को ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई दिल्ली कैंट की VIP रोड के किनारे की गई।

मजदूरों का कहना है कि वे 10 से 15 वर्षों से इसी इलाके में रह रहे थे और उनके पास दिल्ली के आधार कार्ड और वोटर आईडी भी हैं। बावजूद इसके, उन्हें किसी प्रकार का वैकल्पिक आवास या पुनर्वास नहीं दिया गया।

“हम PWD के लिए काम करते हैं। सड़क के गड्ढे भरते हैं, सफाई करते हैं। अगर हमें हटा दिया गया, तो यह काम कौन करेगा?”—यह सवाल चंदन सिंह परमार, एक PWD मजदूर ने उठाया, जो खुद को पिछले 15 साल से विभाग से जुड़ा बताता है।

महिलाएं और बच्चे कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे बैठे नजर आए। पीने के पानी, बिजली और खाना पकाने की सुविधाएं भी नष्ट हो चुकी हैं। मजदूरों ने बताया कि उनकी मासिक आय ₹12,000–₹13,000 के आसपास है, जिसमें दिल्ली में किराये का मकान लेना संभव नहीं।

स्थानीय ठेकेदारों ने भी पुष्टि की कि कई बेघर हुए परिवार PWD के कार्यों से सीधे जुड़े हैं। मजदूरों ने चेतावनी दी कि यदि कोई समाधान नहीं निकला तो वे अपने गांव लौटने को मजबूर होंगे, जिससे शहर की जरूरी मेंटेनेंस सेवाएं प्रभावित होंगी।

तीसरे दिन भी बुलडोज़र चलते रहे। प्रभावित परिवारों ने सरकार से अपील की कि वे मालिकाना हक नहीं, बल्कि काम करते हुए रहने के लिए न्यूनतम आश्रय चाहते हैं।

Also Read: PWD Clears Encroachments in Delhi Cantt; Over 40 Jhuggis Demolished, Labourers Seek Rehabilitation


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