नई दिल्ली, 20: दिल्ली हाई कोर्ट ने मालवीय नगर के एक लाइसेंसधारी स्ट्रीट वेंडर को अपने व्यवसाय को जारी रखने की अनुमति दी है, लेकिन इसके साथ ही कई सख्त नियम और शर्तें भी लागू की हैं। याचिकाकर्ता राजनेश सिंह, जिनके पास वैध Certificate of Vending (CoV) है, ने अदालत में शिकायत की थी कि एमसीडी अधिकारी उन्हें निर्धारित स्थान पर व्यापार करने से रोक रहे हैं।
एमसीडी ने इसका विरोध करते हुए कहा कि वेंडर द्वारा फुटपाथ घेर लिया गया है, जिससे आसपास गंदगी फैल रही है और साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा जा रहा है।
जस्टिस प्रतीभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की बेंच ने कहा कि स्ट्रीट वेंडर्स को जीविका का अधिकार है, लेकिन उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण नहीं करना चाहिए और साफ-सफाई बनाए रखना अनिवार्य है।
अदालत ने वेंडर को काम जारी रखने की अनुमति दी, लेकिन निम्नलिखित शर्तें लागू कीं: केवल छोटे या मध्यम गैस सिलेंडर का उपयोग, फुटपाथ या रास्ता अवरुद्ध नहीं करना, साफ-सफाई बनाए रखना अनिवार्य, दुकान के पास डस्टबिन रखना जरूरी, कोई स्थायी या अस्थायी निर्माण नहीं करना और किसी अन्य को दुकान नहीं सौंपना। शर्तों का उल्लंघन होने पर एमसीडी को वेंडिंग हटाने का अधिकार दिया गया है।
कोर्ट ने 30 मिनट की समय सीमा वाली शर्त से भी वेंडर को छूट दी है, जो इस फैसले का अहम हिस्सा है। एमसीडी को निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। अगली सुनवाई 22 मई 2026 को होगी।
यह फैसला स्पष्ट करता है कि स्ट्रीट वेंडर्स को अधिकार तो हैं, लेकिन उनके साथ जिम्मेदारियां भी उतनी ही जरूरी हैं — खासकर साफ-सफाई और सार्वजनिक रास्तों को खुला रखना।

