नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा से जुड़े ‘पिंक कार्ड’ को लेकर फैल रही अफवाहों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे “सरासर झूठ और राजनीतिक प्रोपोगेंडा” बताया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाएं एक बस से उतरकर दूसरी बस में चढ़ने पर भी बिना किसी परेशानी के पिंक कार्ड का इस्तेमाल कर सकती हैं। “अगर आप एक बस में कार्ड टैप करती हैं और 5, 10 या 20 मिनट बाद दूसरी बस में चढ़ती हैं, तो भी आपका कार्ड 100% काम करेगा,” उन्होंने कहा।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक लोग जानबूझकर महिलाओं के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिंक कार्ड व्यवस्था का उद्देश्य पारदर्शिता लाना और सरकार द्वारा किए जाने वाले भुगतान को सही तरीके से दर्ज करना है।
रेखा गुप्ता के अनुसार, दिल्ली में रोजाना लगभग 45 लाख बस यात्राएं होती हैं, जिनमें से करीब 20 लाख यात्राएं महिलाओं द्वारा की जाती हैं। पहले इन यात्राओं का सटीक हिसाब नहीं होता था, जिससे वित्तीय गड़बड़ियों की संभावना रहती थी।
उन्होंने कहा, “पिंक कार्ड के जरिए हर यात्रा का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होता है, जिससे सरकार केवल वास्तविक यात्रा के अनुसार ही भुगतान करती है। इससे भ्रष्टाचार और किसी निजी लाभ की गुंजाइश खत्म होती है।”
मुख्यमंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि पिंक कार्ड बनवाने की प्रक्रिया अगले तीन महीनों तक जारी रहेगी और महिलाओं को किसी भी तरह की जल्दबाजी या लंबी लाइनों में खड़े होने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने दोहराया कि महिलाएं दिन में कितनी भी बार यात्रा करें, उन्हें कोई किराया नहीं देना होगा।
अंत में, रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और यह योजना पूरी पारदर्शिता के साथ जारी रहेगी।

