नई दिल्ली: नागरिकों की सुविधा बढ़ाने और व्यवसाय को आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने जनरल ट्रेड/स्टोरेज लाइसेंस फीस को प्रॉपर्टी टैक्स सिस्टम के साथ जोड़ने का निर्णय लिया है।
2 मई 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अब दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 417 के तहत जनरल ट्रेड लाइसेंस (GTL) के लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है।

नई व्यवस्था के तहत, यूनिक प्रॉपर्टी आइडेंटिफिकेशन कोड (UPIC) से चिन्हित सभी संपत्ति मालिक या कब्जाधारी अब प्रॉपर्टी टैक्स पोर्टल के माध्यम से ही प्रॉपर्टी टैक्स के साथ लाइसेंस फीस का भुगतान कर सकेंगे।
संशोधित नियमों के अनुसार, लाइसेंस फीस को प्रॉपर्टी टैक्स का 15% निर्धारित किया गया है, जिसे हर वर्ष प्रॉपर्टी टैक्स जमा करते समय ही देना होगा। इससे प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और झंझट मुक्त बनेगी।
भुगतान के बाद प्राप्त रसीद को संबंधित परिसर के लिए वैध ‘डिम्ड लाइसेंस’ माना जाएगा, जिसकी वैधता एक वित्तीय वर्ष तक होगी और यह प्रॉपर्टी टैक्स अवधि के साथ ही समाप्त होगी।
हालांकि प्रक्रिया को सरल किया गया है, लेकिन MCD ने स्पष्ट किया है कि सभी लाइसेंस धारकों को प्रदूषण नियंत्रण, अग्नि सुरक्षा और अन्य कानूनी नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करना संबंधित संपत्ति मालिक, कब्जाधारी या व्यवसाय संचालक की जिम्मेदारी होगी।
इसके अलावा, जीवन और संपत्ति की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी भी संबंधित व्यक्ति की ही होगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन से होने वाले नुकसान के लिए संबंधित व्यक्ति पर दीवानी और आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है। इस संबंध में एक घोषणा प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान प्रक्रिया के दौरान ली जाएगी और रसीद में भी इसका उल्लेख होगा।
यह सुधार दिल्ली में सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने और नागरिकों के लिए अनुपालन को आसान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

