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“देश को सच बताइए”: अरविंद केजरीवाल ने अर्थव्यवस्था और NEET पेपर लीक पर मोदी सरकार से पूछे बड़े सवाल

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए देश की आर्थिक स्थिति और बार-बार हो रहे NEET पेपर लीक मामलों पर गंभीर सवाल उठाए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से आर्थिक संकट के चलते कई कठोर कदम अपनाने की अपील की है, जिनमें:

  • वर्क फ्रॉम होम करना
  • सोना कम खरीदना
  • पेट्रोल-डीजल की बचत करना और पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करना
  • फर्टिलाइज़र का कम इस्तेमाल कर नेचुरल फार्मिंग अपनाना
  • विदेशी उत्पादों का कम इस्तेमाल करना
  • कुकिंग ऑयल की बचत करना
  • विदेश यात्रा कम करना, जैसी बातें शामिल हैं।

केजरीवाल ने कहा कि यदि देशवासियों से इतने बड़े पैमाने पर त्याग और कटौती की अपील की जा रही है, तो इसका मतलब है कि अर्थव्यवस्था गंभीर संकट का सामना कर रही है।

“देश को सच्चाई जानने का अधिकार है”

पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से मांग की कि देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति जनता के सामने स्पष्ट रूप से रखी जाए।

उन्होंने कहा कि देशवासी देशहित में कठिन से कठिन बलिदान देने को तैयार हैं, लेकिन सरकार को यह बताना चाहिए कि आखिर ऐसी अपीलें क्यों करनी पड़ रही हैं।

केजरीवाल ने यह भी सवाल उठाया कि इन सभी अपीलों का बोझ केवल मध्यम वर्ग पर ही क्यों डाला जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सबसे पहले सरकार, मंत्री, अफसरशाही और देश के बड़े उद्योगपतियों को अपने खर्चों में कटौती करनी चाहिए थी।

“केवल मिडिल क्लास से ही कुर्बानी क्यों मांगी जा रही है? देश सबका है,” उन्होंने कहा।

वैश्विक स्थिति पर भी सवाल

केजरीवाल ने कहा कि यदि वैश्विक युद्ध या अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां इसकी वजह हैं, तो दुनिया के अन्य देशों ने अपने नागरिकों से इतने कठोर कदम उठाने की अपील क्यों नहीं की।

उन्होंने कहा कि इससे लोगों के मन में शंका पैदा हो रही है कि कहीं देश की आर्थिक स्थिति सरकार जितनी बता रही है उससे अधिक खराब तो नहीं है।

NEET पेपर लीक पर सरकार को घेरा

केजरीवाल ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर भी केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा कि लाखों छात्र वर्षों तक कठिन मेहनत कर परीक्षा की तैयारी करते हैं। कई परिवार बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज लेते हैं, गहने गिरवी रखते हैं और जमीन तक बेच देते हैं।

ऐसे में पेपर लीक होना छात्रों के भविष्य के साथ सबसे बड़ा धोखा है।

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि NEET पेपर लीक पहली बार नहीं हुआ है। उनके अनुसार 2017, 2021, 2024 और अब 2026 में भी ऐसे विवाद सामने आए हैं।

उन्होंने कहा, “पेपर अपने आप लीक नहीं होते। इसके पीछे बड़ी मिलीभगत और संरक्षण होता है।”

उन्होंने सवाल उठाया कि पहले के पेपर लीक मामलों में दोषियों को क्या सजा मिली और यदि कार्रवाई हुई होती तो ऐसे मामले बार-बार नहीं होते।

केजरीवाल ने कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और यह शासन व्यवस्था की बड़ी विफलता है।

उन्होंने छात्रों से निराश न होने की अपील करते हुए कहा कि उनकी आवाज उठाने में पूरा समर्थन दिया जाएगा।

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