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मैसूरु में सार्वजनिक पेशाब रोकने के लिए लगाए गए शीशे, फिर भी नहीं बदली लोगों की सोच

मैसूरु: सार्वजनिक स्थानों पर पेशाब करने की समस्या रोकने और शहर की स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से मैसूरु की एक सड़क पर हाल ही में शीशे लगाए गए थे। लेकिन इस पहल के कुछ ही दिनों बाद भी कई लोग बिना किसी झिझक के वहीं सार्वजनिक पेशाब करते दिखाई दिए, जिससे नागरिक जिम्मेदारी और सिविक सेंस पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

इन शीशों को लोगों में आत्म-जागरूकता और जवाबदेही पैदा करने के उद्देश्य से लगाया गया था। उम्मीद थी कि लोग खुद को शीशे में देखकर ऐसी हरकतों से बचेंगे और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने में सहयोग करेंगे।

हालांकि, शीशे लगाए जाने के बावजूद सार्वजनिक पेशाब की घटनाएं जारी रहने से स्थानीय लोगों में नाराज़गी है।

नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक पेशाब न केवल इलाके को गंदा और अस्वच्छ बनाता है, बल्कि शहर की छवि को भी नुकसान पहुंचाता है। इससे शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल जागरूकता अभियान या बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं, जब तक लोगों की मानसिकता और सार्वजनिक स्थानों के प्रति सम्मान की भावना नहीं बदलेगी।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए और नागरिक जागरूकता अभियान को और मजबूत बनाया जाए ताकि शहर में स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखा जा सके।

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