दिल्ली में साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़: 5 आरोपी गिरफ्तार, ₹2.31 करोड़ का म्यूल अकाउंट नेटवर्क उजागर

Date:

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट साइबर पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह म्यूल बैंक खातों के जरिए देशभर और विदेशों में ठगी की रकम ट्रांसफर करने में शामिल था।

यह मामला एफआईआर नंबर 14/26, दिनांक 04 अप्रैल 2026 को साइबर क्राइम थाना, आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट में दर्ज किया गया था। यह कार्रवाई नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर प्राप्त कई शिकायतों और ऑपरेशन “साइबर हॉक 4.0” के दौरान मिले तकनीकी इनपुट्स के आधार पर की गई।

सामन्वय पोर्टल पर उपलब्ध म्यूल खातों के डेटा के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और एक संगठित गिरोह का पता लगाया। छापेमारी के दौरान पांच आरोपियों—राहुल (22), बंटी (22), अंकित (19), सलीम उर्फ धनचा (22) और नूर आलम (19), सभी निवासी नरेला, दिल्ली—को गिरफ्तार किया गया।

यह कार्रवाई संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय सिंह के नेतृत्व में, डीसीपी हरेश्वर स्वामी की निगरानी और एसीपी दिनेश कुमार के मार्गदर्शन में की गई। इंस्पेक्टर गोविंद सिंह और उनकी टीम ने इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

जांच के दौरान पुलिस ने सिम कार्ड, बैंक से जुड़े मोबाइल नंबर, चैट रिकॉर्ड, ट्रांजेक्शन लॉग और अन्य डिजिटल सबूत बरामद किए हैं, जो साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे थे।

अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपियों से जुड़े 28 बैंक खातों का इस्तेमाल देशभर में दर्ज 43 साइबर फ्रॉड मामलों में किया गया, जिनमें लगभग ₹2.31 करोड़ की ठगी हुई है। ये मामले महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, असम, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों से जुड़े हैं।

आरोपी प्रति बैंक खाते के लिए ₹2,500 से ₹5,000 तक कमीशन लेकर खातों और सिम कार्ड की आपूर्ति करते थे। ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी (USDT) में बदलकर Binance जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए टेलीग्राम पर मौजूद विदेशी हैंडलर्स तक भेजा जाता था।

तकनीकी जांच में एक हैंडलर का आईपी एड्रेस कंबोडिया से जुड़ा पाया गया, जिससे इस गिरोह के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की पुष्टि होती है।

काम करने का तरीका:
गिरोह कई बैंक खाते खोलता था, उन्हें सिम कार्ड से जोड़ता था और फिर इन्हें साइबर ठगों को उपलब्ध कराता था। पीड़ितों से ठगी गई रकम इन खातों में जमा की जाती थी, जिसे तुरंत क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेशों में ट्रांसफर कर दिया जाता था, जिससे ट्रैक करना मुश्किल हो जाता था।

पुलिस ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों और विदेशी हैंडलर्स की पहचान के लिए जांच जारी है और पूरे पैसे के लेन-देन का पता लगाया जा रहा है।

जनता के लिए सलाह:
दिल्ली पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा फोन या व्हाट्सएप पर “डिजिटल गिरफ्तारी” जैसी कोई प्रक्रिया नहीं होती। किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, बैंक डिटेल या आधार/पैन की जानकारी साझा न करें और संदिग्ध मामलों की तुरंत सूचना हेल्पलाइन 1930 या www.cybercrime.gov.in पर दें।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Share post:

Popular

More like this
Related

दिल्ली EV पॉलिसी 2026–2030: बड़ी सब्सिडी, स्क्रैपिंग इंसेंटिव और 100% टैक्स छूट से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ावा

नई दिल्ली: प्रदूषण से जूझ रही राजधानी को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली EV पॉलिसी 2026–2030 का ड्राफ्ट जारी किया है और नागरिकों से इसमें सुझाव...

दिल्ली सीएम का बड़ा आदेश: शराब कंपनियों के 5 साल के खातों की जांच, गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई

नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शराब बिक्री से जुड़े सरकारी उपक्रमों के पिछले पांच वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड की व्यापक जांच (क्रॉस-वेरिफिकेशन) के आदेश दिए हैं। यह...

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को दिल्ली में मिली रफ्तार: एनडीएमसी उपाध्यक्ष ने वृक्षारोपण अभियान का नेतृत्व किया

नई दिल्ली: देशभर में चल रहे पर्यावरणीय अभियान “एक पेड़ माँ के नाम”, जिसे नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया है, अब राष्ट्रीय राजधानी में भी तेजी पकड़ रहा है।...

राजघाट के पास भीषण आग से हड़कंप: यमुना किनारे झाड़ियों में लगी आग, 6 दमकल गाड़ियां मौके पर

नई दिल्ली: मध्य दिल्ली में राजघाट के पास यमुना किनारे झाड़ियों में भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग की लपटें और धुएं के गुबार दूर तक...