नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने 4 नवंबर को झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों के पुनर्वास और पुनर्स्थापन की 2026 की नीति अधिसूचित की। दिल्ली राजपत्र के मुताबिक पात्र परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास की कीमत ₹1.5 लाख तय की गई है। सरकार बाद में इस दर में बदलाव कर सकती है। संचालन और रखरखाव का लागू शुल्क अलग से देना होगा।
नीति में उसी जगह या बस्ती से तीन किलोमीटर के भीतर आवास देने को प्राथमिकता दी गई है। नीचे दिए गए पोस्ट में रखरखाव के लिए ₹50,000 की तय राशि का जिक्र है, लेकिन अधिसूचना में यह रकम तय नहीं की गई है।

नीति के तहत बस्ती और संबंधित झुग्गी, दोनों का 1 जनवरी 2025 से पहले का होना जरूरी है। आवेदकों को मतदाता सूची और सर्वे से जुड़ी शर्तें पूरी करनी होंगी, कटऑफ से पहले जारी मान्य दस्तावेज देना होगा और बाकी पात्रता मानदंडों पर खरा उतरना होगा। देश में कहीं भी पक्का मकान रखने वाला परिवार पात्र नहीं होगा।
अधिसूचना में दिल्ली में करीब 675 झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों का जिक्र है। दिल्ली सरकार, उसकी एजेंसियों और दिल्ली नगर निगम की जमीन पर पुनर्वास का समन्वय दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड करेगा। डीडीए और केंद्र सरकार की जमीन पर यह जिम्मेदारी दिल्ली विकास प्राधिकरण की होगी।

