नई दिल्ली: दिल्ली सरकार द्वारा दिल्ली खेल महाकुंभ का आयोजन 13 फरवरी से किया जा रहा है। शिक्षा एवं खेल मंत्री आशीष सूद ने इसे राष्ट्रीय राजधानी में खेल संस्कृति के पुनरुत्थान की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।
दिल्ली सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने खेलों को नई प्राथमिकता दी है और राजधानी को देश की स्पोर्ट्स कैपिटल के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया है।
मंत्री ने कहा कि बीते कई वर्षों में दिल्ली में खेल और युवा गतिविधियां उपेक्षा का शिकार रहीं। उन्होंने बताया कि खेल बजट 2021-22 में 60 करोड़ रुपये था, जो 2022-23 में घटकर 41 करोड़, 2023-24 में 26 करोड़ रह गया और 2024-25 तक वहीं स्थिर रहा। वर्तमान सरकार ने इस प्रवृत्ति को पलटते हुए 2025-26 में खेल एवं युवा मामलों के बजट को तीन गुना बढ़ाकर 76 करोड़ रुपये कर दिया है।
पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए मंत्री ने आरोप लगाया कि बजट कटौती, वित्तीय अव्यवस्था और केंद्र सरकार से टकराव के कारण दिल्ली में खेल अधोसंरचना ठप हो गई थी। नए खेल मैदानों का निर्माण, स्टेडियमों का आधुनिकीकरण और मौजूदा परिसरों का रखरखाव प्रभावित हुआ। कई वर्षों से लंबित भुगतान 2025-26 में जाकर निपटाए गए।
मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने राष्ट्रीय स्तर की युवा एवं खेल योजनाओं से दूरी बना ली थी, जिससे दिल्ली के युवाओं को राष्ट्रीय मंचों पर पर्याप्त अवसर नहीं मिल सके। कई कार्यक्रम औपचारिकता तक सीमित रह गए और बंद कमरों में आयोजित किए गए। खिलाड़ियों को मिलने वाली नकद प्रोत्साहन राशि भी लगभग दो वर्षों तक लंबित रही।
वर्तमान सरकार द्वारा उठाए गए सुधारात्मक कदमों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए वित्तीय सहायता, बेहतर सुविधाएं, आवास, यात्रा व्यवस्था (एसी ट्रेन टिकट सहित) और स्टेडियमों के उन्नयन जैसे कदम उठाए गए हैं।
मंत्री ने घोषणा की कि दिल्ली खेल महाकुंभ का उद्घाटन 13 फरवरी को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा किया जाएगा। इसके पहले चरण में कबड्डी, फुटबॉल, एथलेटिक्स, कुश्ती, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल और स्क्वैश सहित सात खेलों का आयोजन होगा, जिसमें 20,000 से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे।
महीने भर चलने वाला यह आयोजन दिल्ली के 16 अलग-अलग स्टेडियमों और वेन्यू—जैसे बावना, विकासपुरी और नजफगढ़—में आयोजित किया जाएगा, ताकि राजधानी के हर क्षेत्र के युवाओं को समान अवसर मिल सके।
इनामी राशि की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि टीम इवेंट्स में स्वर्ण पदक विजेता टीम को 1.75 लाख रुपये, रजत को 1.51 लाख और कांस्य को 1.31 लाख रुपये दिए जाएंगे। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक के लिए 11,000 रुपये, रजत के लिए 9,000 रुपये और कांस्य के लिए 7,000 रुपये की पुरस्कार राशि तय की गई है।
इस अवसर पर मंत्री ने ‘रणवीर’ नामक खेल महाकुंभ के आधिकारिक शुभंकर (मास्कॉट) का भी अनावरण किया, जिसे उन्होंने दिल्ली के युवाओं की ऊर्जा, साहस और खेल भावना का प्रतीक बताया।
मंत्री ने खेल संघों, मीडिया और नागरिकों से अपील की कि वे इस पहल का समर्थन करें और दिल्ली को खेल उत्कृष्टता का केंद्र बनाने की सामूहिक यात्रा में खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाएं।

