नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) मुख्यालय ने 13 और 14 अप्रैल 2026 को 32nd एवेन्यू ग्रुप और उसके प्रमोटर-डायरेक्टर्स अनूभव शर्मा, ध्रुव शर्मा सहित अन्य के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में दिल्ली-एनसीआर, गोवा, जयपुर और मुंबई में सात स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई निवेशकों से धोखाधड़ी से जुड़े मामले में की गई।
ईडी ने यह जांच दिल्ली पुलिस और गुरुग्राम पुलिस द्वारा दर्ज कई एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। जांच में सामने आया कि आरोपी संगठित और व्यवस्थित आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे, जिनमें निवेशकों को फुसलाना, संपत्तियों का कब्जा न देना, धन का दुरुपयोग, फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल, वैधानिक देयों का भुगतान न करना और विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से धन शोधन शामिल है।
ईडी के अनुसार, इन अवैध गतिविधियों के जरिए ₹500 करोड़ से अधिक की अपराध की आय अर्जित की गई। इस राशि को कई शेल और बेनामी कंपनियों के खातों के माध्यम से घुमाया गया। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने वर्चुअल कमर्शियल स्पेस को कई निवेशकों को बेचकर, बाद में उसे किराए पर देकर कुछ समय तक आकर्षक रिटर्न दिया और फिर उसी स्पेस को लेआउट में बदलाव कर दोबारा बेच दिया, जिससे एक तरह की पोंजी योजना चलाई जा रही थी।
छापेमारी के दौरान ईडी ने ₹1.05 करोड़ नकद, लगभग ₹1.5 करोड़ मूल्य के सोने के बिस्किट और आभूषण जब्त किए। इसके अलावा संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, कई डिजिटल डिवाइस और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई। कुछ बैंक खातों को फ्रीज किया गया और लॉकर भी सील किए गए।
जांच में गुरुग्राम, गोवा और महाराष्ट्र में स्थित कई अचल संपत्तियों की पहचान की गई है, जिन्हें अपराध की आय से खरीदा गया होने का संदेह है।
इस मामले में ध्रुव शर्मा और शिरीन शर्मा को हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि अनूभव शर्मा और ममता शर्मा फरार बताए जा रहे हैं।
ईडी ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है।

