नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर छात्रों को बधाई देते हुए दावा किया कि देश के युवाओं ने एक “अहंकारी सरकार” को झुकने पर मजबूर कर दिया।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ई20 ईंधन नीति पर पुनर्विचार करने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन के कारण लोगों के वाहनों में खराबी आ रही है और माइलेज भी कम हो रही है।
उन्होंने शनिवार को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में दोपहर 12 बजे “नेशनल टाउन हॉल अगेंस्ट ई20” आयोजित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि दिल्ली और आसपास के लोग कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से शामिल हो सकते हैं, जबकि देशभर के लोग व्हाट्सऐप पंजीकरण के माध्यम से ऑनलाइन जुड़ सकेंगे।
केजरीवाल ने कहा कि इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों, प्रभावित वाहन मालिकों और अन्य संबंधित पक्षों को एक मंच पर लाया जाएगा ताकि ई20 ईंधन के प्रभाव पर चर्चा कर सरकार पर इस नीति को वापस लेने का दबाव बनाने की रणनीति तैयार की जा सके।
छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई पर उन्होंने कहा कि सरकार ने कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया था, लेकिन कई राज्यों में छात्रों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और पुलिस कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने वादे पर कायम नहीं रही।
परीक्षा अनियमितताओं पर प्रस्तावित कानून के संबंध में केजरीवाल ने कहा कि कड़े कानूनों का स्वागत है, लेकिन यदि सरकार की नीयत हो तो मौजूदा कानून भी पर्याप्त हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की इच्छाशक्ति का अभाव है।
पंजाब शिक्षा विभाग से जुड़े आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने कहा कि 2022 में आप सरकार बनने के बाद पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि हालिया घटना में दो परीक्षा केंद्रों पर कुछ छात्रों ने स्मार्ट पेन के जरिए नकल करने की कोशिश की थी, जिन्हें तत्काल पकड़ लिया गया और इसे पेपर लीक नहीं कहा जा सकता।
उन्होंने दावा किया कि आप सरकार के कार्यकाल में पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में 27वें स्थान से शीर्ष स्थान पर पहुंचा है और इसकी उपलब्धियों को झूठे आरोपों के जरिए बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

