नई दिल्ली, 4 जून: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को कैबिनेट मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मालवीय नगर अग्निकांड जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए राजधानी में अवैध निर्माणों, अनधिकृत संचालन और अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि मालवीय नगर जैसी दुखद घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए और इसके लिए पूरे दिल्ली में विशेष अभियान चलाकर ऐसे भवनों और प्रतिष्ठानों की पहचान की जाए जो भवन उपविधियों और अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में किसी भी अनधिकृत निर्माण के लिए जिम्मेदार पाए जाने पर भवन मालिक, संबंधित अधिकारी अथवा किसी अन्य दोषी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जोखिम वाले भवनों की पहचान की जाए तथा भवन और अग्नि सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
इस दिशा में आगे की कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री ने 5 जून को दिल्ली सचिवालय में एक और उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में दिल्ली पुलिस, राजस्व विभाग, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी), दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली जल बोर्ड तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार बैठक में राजधानी में अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन, अवैध निर्माणों पर कार्रवाई, जोखिम वाले भवनों की पहचान और विभिन्न विभागों के बीच समन्वित प्रवर्तन तंत्र को लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
मालवीय नगर अग्निकांड के बाद भवन सुरक्षा और नियामकीय निगरानी को लेकर उठे गंभीर सवालों के बीच मुख्यमंत्री की यह पहल राजधानी में अवैध निर्माणों और अग्नि सुरक्षा उल्लंघनों के खिलाफ व्यापक अभियान की शुरुआत मानी जा रही है।

