नई दिल्ली, 5 जून: दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने कहा है कि राजधानी के कूड़ा पहाड़ों को खत्म करने और स्वच्छ दिल्ली के लक्ष्य को हासिल करने का सबसे प्रभावी तरीका कूड़े का स्रोत पर ही पृथक्करण (Segregation at Source) है। उन्होंने नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन प्रणाली को अपनाने का आह्वान किया।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में महापौर ने पार्षदों और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अधिकारियों को सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप तैयार किए गए नए ठोस कचरा प्रबंधन नियमों की जानकारी दी।
बैठक में उपमहापौर डॉ. मोनिका पंत, स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा, सदन के नेता जय भगवान यादव, विधायक श्याम शर्मा, रविंदर नेगी और अनिल शर्मा, एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार, अतिरिक्त आयुक्त, सभी जोनों के उपायुक्त तथा निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
चार स्तरों पर कूड़ा पृथक्करण पर जोर
महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि कचरे को घर, दुकान, कार्यालय और संस्थान स्तर पर ही अलग-अलग करना होगा। उन्होंने कहा कि गीले कचरे को स्थानीय स्तर पर प्रोसेस कर कम्पोस्ट खाद में बदला जाना चाहिए, जबकि कागज, प्लास्टिक, कांच और अन्य सूखे कचरे को पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) के लिए अलग किया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि नई ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था के तहत चार स्तरों पर कूड़ा पृथक्करण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है, जिससे लैंडफिल स्थलों पर जाने वाले कचरे की मात्रा में भारी कमी लाई जा सके।
महापौर ने कहा कि यदि नागरिक स्रोत पर ही कचरे को अलग करना शुरू कर दें तो दिल्ली की कूड़ा प्रबंधन प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव लाया जा सकता है।
ओखला, भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल खत्म करने का लक्ष्य
प्रवेश वाही ने कहा कि यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वच्छ भारत’ और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के ‘स्वच्छ एवं सुंदर दिल्ली’ के विजन को साकार करने की दिशा में आयोजित की गई है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम का लक्ष्य ओखला, भलस्वा और गाजीपुर के विशाल कूड़ा पहाड़ों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करना है। इसके लिए वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, रिसाइक्लिंग और स्रोत पर पृथक्करण को बढ़ावा देना आवश्यक है।
पार्षदों को जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश
महापौर ने सभी पार्षदों से अपने-अपने क्षेत्रों में नागरिकों को नए ठोस कचरा प्रबंधन नियमों के बारे में जागरूक करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पार्षद यह सुनिश्चित करे कि उसके वार्ड में कूड़ा पृथक्करण और वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू हो।
लैंडफिल और वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट का दौरा
महापौर ने बताया कि 7 जून से 12 जून तक पार्षदों के लिए विशेष फील्ड विजिट कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके तहत पार्षद लैंडफिल साइटों और वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांटों का दौरा कर कचरा निस्तारण की पूरी प्रक्रिया को समझ सकेंगे।
मालवीय नगर अग्निकांड का भी हुआ उल्लेख
बैठक के दौरान महापौर ने हाल ही में मालवीय नगर में हुए होटल अग्निकांड का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना को लेकर सभी विभागों की उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है और एमसीडी आयुक्त सहित सभी उपायुक्तों को उसमें शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक के अंत में सदन के नेता जय भगवान यादव ने सभी पार्षदों, अधिकारियों, विशेषज्ञों और गैर-सरकारी संगठनों का धन्यवाद किया तथा दिल्ली को स्वच्छ, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल शहर बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।

