नई दिल्ली, 26 जून: दिल्ली को कूड़े के पहाड़ों से मुक्त करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी दिशा में शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने शुक्रवार को गाज़ीपुर लैंडफिल साइट का निरीक्षण कर लेगेसी वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को 31 जुलाई तक बायो-माइनिंग क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए।
मंत्री ने अधिकारियों को प्रतिदिन बायो-माइनिंग क्षमता 7,000 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 12,000 मीट्रिक टन करने का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा। साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि ताज़े कचरे के लिए अलग प्रसंस्करण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि नया कचरा लेगेसी वेस्ट के ढेर में न जुड़ सके।
आशीष सूद ने बायो-रिमेडिएशन और कचरा निस्तारण कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा करने के भी निर्देश दिए ताकि कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जा सकें।
निरीक्षण के बाद सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट करते हुए मंत्री ने कहा, “दिल्ली को कूड़े के पहाड़ों से मुक्त करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार गाज़ीपुर समेत राजधानी के सभी लेगेसी लैंडफिल स्थलों का स्थायी और वैज्ञानिक समाधान सुनिश्चित करने के लिए मिशन मोड में कार्य कर रही है।
“माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी के नेतृत्व में दिल्ली सरकार गाज़ीपुर सहित सभी लेगेसी लैंडफिल स्थलों का स्थायी एवं वैज्ञानिक समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है,” उन्होंने कहा।
गाज़ीपुर लैंडफिल दिल्ली के सबसे पुराने और सबसे बड़े कूड़ा स्थलों में से एक है और वर्षों से पर्यावरण तथा जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है।
मंत्री के ये निर्देश गाज़ीपुर लैंडफिल साइट के निरीक्षण के बाद जारी किए गए।

