नई दिल्ली, 27 जून: दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (डीपीसीसी) अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आगामी नगर निगम (एमसीडी) चुनावों की तैयारियों को तेज करते हुए प्रत्येक वार्ड से 15 दिनों के भीतर तीन संभावित उम्मीदवारों के नाम भेजने के निर्देश दिए हैं।
शनिवार को डीपीसीसी कार्यालय में आयोजित बैठक में लोकसभा प्रभारी, जिला प्रभारी और विधानसभा पर्यवेक्षकों के साथ संगठन की समीक्षा की गई तथा बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा हुई।
बैठक में प्रत्येक वार्ड से तीन नाम भेजने को कहा गया है, जिनमें एक महिला उम्मीदवार, एक अनुसूचित जाति (एससी) उम्मीदवार और एक सामान्य वर्ग का उम्मीदवार शामिल होगा। इन नामों पर आगामी एमसीडी चुनाव के लिए विचार किया जाएगा।
देवेंद्र यादव ने कहा कि बैठक का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करना और कांग्रेस की विचारधारा तथा नीतियों को बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।
उन्होंने जिला प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें तथा जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के पदाधिकारियों की मासिक बैठकों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें।
बैठक में सभी जिला अध्यक्षों, ब्लॉक अध्यक्षों, मंडलम अध्यक्षों और सेक्टर प्रभारियों को प्रत्येक वार्ड और प्रत्येक बूथ पर कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर काम करने का निर्देश दिया गया।
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष ने सभी 14 जिलों के कार्यकारिणी सदस्यों, मंडलम अध्यक्षों, सेक्टर प्रभारियों और बीएलए-2 की सूची भी लोकसभा प्रभारियों, जिला नेताओं और विधानसभा पर्यवेक्षकों को उपलब्ध कराई, ताकि वे दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों के प्रत्येक बूथ पर सक्रिय कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों से संपर्क स्थापित कर सकें।
बैठक में महासचिव अनिल भारद्वाज, पूर्व मंत्री डॉ. नरेंद्र नाथ, प्रशासन प्रभारी जतिन शर्मा, डीपीसीसी के उपाध्यक्ष सी.पी. मित्तल और तस्वीर सोलंकी सहित अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।
देवेंद्र यादव ने पर्यवेक्षकों को यह भी निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निष्क्रिय हो चुके कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों से व्यक्तिगत रूप से मिलें तथा उन्हें संगठन से दोबारा सक्रिय रूप से जोड़ने का प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि अनुभवी कार्यकर्ता और नेता कांग्रेस संगठन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी सक्रिय भागीदारी से पार्टी को नई ऊर्जा मिलेगी तथा आगामी एमसीडी चुनावों में संगठन को मजबूती मिलेगी।

