नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। सुबह की शुरुआत हल्की बारिश और रिमझिम बूंदों के साथ हुई, जिससे राजधानी समेत नोएडा और गाजियाबाद के लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली। आसमान में छाए काले बादलों और ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना बना दिया, हालांकि दफ्तर जाने वाले लोगों को सुबह की हल्की बारिश के कारण ट्रैफिक की रफ्तार थोड़ी धीमी जरूर देखी गई।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 23 मार्च को दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और दोपहर के बाद गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। उत्तर-पश्चिमी हवाएं 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी, जिससे उमस महसूस नहीं होगी। हालांकि मौसम दिन में थोड़ा बदलता हुआ नजर आ सकता है—बादलों के बीच धूप निकलने पर हल्की गर्मी का एहसास भी हो सकता है, जबकि शाम होते-होते फिर से ठंडक लौट आएगी।
तापमान की बात करें तो रविवार को अधिकतम तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 15.6 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि कुछ इलाकों में पारा 30 डिग्री के करीब पहुंचा। आने वाले दिनों में 24 और 25 मार्च को भी बादल छाए रहने की संभावना है और अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री के बीच रह सकता है। 26 मार्च के बाद मौसम साफ होने लगेगा और तापमान 34 डिग्री तक पहुंचने की उम्मीद है, जिससे गर्मी फिर से अपना असर दिखाएगी।
पहाड़ी इलाकों में मौसम का अलग ही रूप देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में भारी बर्फबारी हुई है, जिससे पूरा इलाका 3 से 4 फीट बर्फ की चादर से ढक गया है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण 25 मार्च तक बारिश और बर्फबारी जारी रहने की संभावना है। वहीं कश्मीर के मैदानी इलाकों में धूप खिली हुई है और श्रीनगर में तापमान 20 डिग्री के पार पहुंच गया है।
मैदानी राज्यों में भी मौसम तेजी से बदलने वाला है। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से चल रही हवाओं और बारिश का असर अब कम होने लगेगा और तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी। मौसम विभाग के अनुसार लखनऊ समेत कई जिलों में अगले एक सप्ताह में तापमान 7 से 10 डिग्री तक बढ़ सकता है। कानपुर रविवार को प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 13.7 डिग्री दर्ज किया गया।
पूर्वी भारत में भी मौसम सक्रिय है। बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में 24 से 28 मार्च के बीच बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। वहीं हिमाचल के ऊंचाई वाले इलाकों जैसे कुल्लू और लाहौल-स्पीति में हिमस्खलन का खतरा बना हुआ है, जिसके चलते पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, अगले 48 घंटे उत्तर भारत में मौसम के लिहाज से काफी बदलाव भरे रहने वाले हैं—फिलहाल राहत भरी बारिश है, लेकिन जल्द ही तेज गर्मी लौटने के संकेत भी साफ नजर आ रहे हैं।

