नई दिल्ली: केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में Uber के CEO दारा खोसरोशाही से मुलाकात कर भारत में Uber के संचालन और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की।
बैठक में भारत सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
EV ट्रांजिशन पर जोर
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने Uber India से जोर देकर कहा कि कंपनी अपने मौजूदा फ्लीट को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में बदलने के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करे।
उन्होंने यह भी कहा कि प्लेटफॉर्म से जुड़े ड्राइवरों और पार्टनर्स के लिए आवश्यक सहायता व्यवस्था विकसित की जाए ताकि EV अपनाने की प्रक्रिया आसान हो सके।
‘डार्क पैटर्न’ पर सरकार की चिंता
प्रह्लाद जोशी ने बताया कि Uber India को प्लेटफॉर्म पर मौजूद संभावित “डार्क पैटर्न” को लेकर सेल्फ ऑडिट रिपोर्ट और उन पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट जल्द जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
“डार्क पैटर्न” ऐसे डिजिटल डिजाइन या प्रक्रियाओं को कहा जाता है जो उपभोक्ताओं को भ्रमित या प्रभावित कर अनुचित निर्णय लेने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
उपभोक्ता शिकायत निवारण पर भी चर्चा
मंत्री ने Uber को एक कन्वर्जेंस पार्टनर के रूप में जल्द से जल्द अपने Grievance Redressal Officer (शिकायत निवारण अधिकारी) की जानकारी सार्वजनिक करने और National Consumer Helpline (NCH) पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध समाधान की दिशा में काम करने की सलाह दी।
व्यापार और उपभोक्ता हितों में संतुलन जरूरी
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि भारत सरकार जहां एक ओर Ease of Doing Business को बढ़ावा दे रही है, वहीं उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब भारत में डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं, उपभोक्ता अधिकारों और ऑनलाइन पारदर्शिता को लेकर नियामकीय निगरानी लगातार बढ़ रही है।

