नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए ट्रेड एंड टैक्सेस (GST) विभाग में 162 अधिकारियों और कर्मचारियों का बड़े पैमाने पर तबादला कर दिया है। यह कार्रवाई सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को स्पष्ट संदेश देती है।
यह बड़ा प्रशासनिक फेरबदल 8 अप्रैल को ITO स्थित स्टेट GST कार्यालय में किए गए औचक निरीक्षण के बाद किया गया, जहां कई गंभीर लापरवाहियां सामने आई थीं, जिनमें कई अधिकारियों की अनुपस्थिति भी शामिल थी।
मुख्यमंत्री के निर्देशों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए विभाग ने 3 असिस्टेंट कमिश्नरों सहित कुल 162 अधिकारियों और कर्मचारियों का ट्रांसफर किया है। इनमें से कई अधिकारी लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात थे।
किन अधिकारियों का हुआ तबादला
इस कार्रवाई के तहत:
- 58 ग्रेड-I सेक्शन ऑफिसर
- 22 ग्रेड-II असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर
- 74 ग्रेड-III सीनियर असिस्टेंट
- 5 ग्रेड-IV जूनियर असिस्टेंट
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अनियमितता या भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्देश दिया था कि सभी स्तरों पर अनुशासन सख्ती से लागू किया जाए। इसके तहत सभी कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य की गई है और अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जनसेवाओं में किसी भी तरह की बाधा के लिए संबंधित अधिकारियों की सीधे जिम्मेदारी तय की जाएगी।
औचक निरीक्षण जारी रहेंगे
मुख्यमंत्री लगातार विभिन्न विभागों और सरकारी कार्यालयों में औचक निरीक्षण कर रही हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जनता को सेवाएं समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से मिल रही हैं।
उन्होंने दोहराया कि ऐसे निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे और जनहित को प्रभावित करने वाली लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह कदम दिल्ली सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था में अनुशासन और कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

