नई दिल्ली, 12 जून: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में स्थित एक पांच मंजिला रिहायशी इमारत में बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात लगी भीषण आग में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य सदस्य गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। घटना के बाद पुलिस, दमकल विभाग और आपातकालीन सेवाओं ने संयुक्त रूप से बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, 11 और 12 जून की दरमियानी रात 2:31 बजे थाना गोविंदपुरी में तुगलकाबाद एक्सटेंशन स्थित एक रिहायशी इमारत में आग लगने की सूचना पीसीआर कॉल के माध्यम से प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
रातभर चला बचाव अभियान
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ थाना प्रभारी (SHO), सहायक पुलिस आयुक्त (ACP), अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त और दक्षिण-पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त भी मौके पर पहुंचे।
इमारत में तेजी से धुआं भर जाने के कारण कई लोग अंदर फंस गए थे। चार दमकल गाड़ियां, कैट्स एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं की मदद से बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया गया।
आठ लोगों को सुरक्षित निकाला गया
अधिकारियों के अनुसार, घने धुएं के कारण इमारत में फंसे लोगों को बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण था।
पुलिस, दमकल कर्मियों और बचाव दलों के संयुक्त प्रयास से आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर सफदरजंग अस्पताल और एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया।
राहत एवं बचाव कार्य कई घंटों तक जारी रहा।
एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत
अधिकारियों ने घटना में तीन लोगों की मौत की पुष्टि की है। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- पंकज (28 वर्ष), पुत्र स्वर्गीय सुभाष, निवासी आरजेड-1/173, तीसरी मंजिल, गली नंबर-1, तुगलकाबाद गांव।
- गुड्डी (50 वर्ष), स्वर्गीय सुभाष की पत्नी तथा पंकज की माता।
- सोनी (20 वर्ष), सुभाष की पुत्री तथा पंकज की बहन।
पुलिस के अनुसार, तीनों मृतक एक ही परिवार के सदस्य थे और आग लगने के बाद इमारत में फैले घने धुएं के कारण बाहर नहीं निकल सके।
परिवार के दो सदस्य गंभीर
परिवार के दो अन्य सदस्य गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं।
इनकी पहचान इस प्रकार हुई है:
- मोनी (18 वर्ष), सुभाष की पुत्री तथा पंकज की बहन।
- पंकज की नानी, जिनकी आयु लगभग 70 वर्ष बताई गई है। पुलिस के अनुसार उनकी पहचान की औपचारिक प्रक्रिया जारी है।
दोनों का अस्पताल में गहन उपचार चल रहा है और चिकित्सक उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग की शुरुआत संभवतः इमारत के भूतल पर हुए बिजली के शॉर्ट सर्किट से हुई।
पुलिस के अनुसार, आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और वहां खड़े सात दोपहिया वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। इनमें एक चार्जिंग पर लगी इलेक्ट्रिक स्कूटर भी शामिल थी।
हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल प्रारंभिक अनुमान है और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत तकनीकी और फॉरेंसिक जांच के बाद ही चल सकेगा।
विस्तृत जांच जारी
दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और फॉरेंसिक विशेषज्ञ घटना की विस्तृत जांच कर रहे हैं।
जांच दल इमारत की विद्युत व्यवस्था, आग फैलने के पैटर्न और सुरक्षा मानकों की जांच करेगा ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके और यह निर्धारित किया जा सके कि कहीं किसी प्रकार की लापरवाही तो नहीं हुई।
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह दर्दनाक घटना एक बार फिर राजधानी के घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों में अग्नि सुरक्षा मानकों और आपातकालीन तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

