नई दिल्ली, 11 जून: उत्तर दिल्ली के बुराड़ी इलाके में स्थित एक मंदिर से भगवान की मूर्तियां और धार्मिक सामग्री चोरी करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने 48 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया है।
यह कार्रवाई संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा और पुलिस उपायुक्त राजा बांठिया, आईपीएस के निर्देशन में की गई। मामले की जांच का नेतृत्व बुराड़ी थाना प्रभारी (SHO) इंस्पेक्टर गिरीश चंदर ने किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी रोहित, जो कथित रूप से नशे का आदी है, को उपनिरीक्षक अमित की टीम ने पुश्ता रोड क्षेत्र से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के समय आरोपी चोरी की गई धार्मिक सामग्री को बेचने के लिए ले जा रहा था।
मंदिर से चोरी हुई धार्मिक सामग्री बरामद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मंदिर से चोरी की गई कई धार्मिक वस्तुएं बरामद की हैं। इनमें शामिल हैं:
- भगवान हनुमान की गदा
- लड्डू गोपाल की मूर्ति
- राधा-कृष्ण की मूर्ति
- चार दीपक
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने बुराड़ी स्थित कंडक्टर कॉलोनी के हनुमान मंदिर से इन वस्तुओं की चोरी की थी।
चोरी की बाइक से जहांगीरपुरी जा रहा था आरोपी
पुलिस के अनुसार, आरोपी चोरी की गई एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर जहांगीरपुरी की ओर जा रहा था, जहां वह चोरी का सामान बेचने की योजना बना रहा था।
समय रहते पुलिस ने उसे दबोच लिया और चोरी की गई धार्मिक सामग्री बरामद कर ली।
CCTV और लोकल इंटेलिजेंस से खुला मामला
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की। साथ ही स्थानीय मुखबिर तंत्र और खुफिया सूचनाओं की मदद से आरोपी की पहचान की गई।
SHO गिरीश चंदर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लगातार निगरानी और तकनीकी जांच के आधार पर मात्र 48 घंटे के भीतर मामले का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया।
पहले भी मंदिर की रेकी कर चुका था आरोपी
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को पता चला कि आरोपी लगभग पांच महीने पहले भी मंदिर की रेकी कर चुका था।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड है और वह वर्ष 2024 में भी एक अन्य मामले में जेल जा चुका है।
आगे की जांच जारी
दिल्ली पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी अन्य चोरी की घटनाओं में भी शामिल रहा है या नहीं। साथ ही चोरी की मोटरसाइकिल के संबंध में भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने इसे आस्था से जुड़े अपराध के मामले में एक महत्वपूर्ण सफलता बताया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बरामद मूर्तियां और अन्य धार्मिक सामग्री मंदिर प्रबंधन को सौंपे जाने की संभावना है।

