नई दिल्ली, 6 जुलाई: आम आदमी पार्टी (AAP) ने शुक्रवार को कथित ₹650 करोड़ के दिल्ली स्वास्थ्य विभाग घोटाले को लेकर लोक नायक जय प्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने किया, जिन्होंने चिकित्सा उपकरणों और अन्य स्वास्थ्य सामग्री की खरीद में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार पर गंभीर सवाल उठाए।
प्रदर्शन के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि करीब ₹10 लाख कीमत वाली एक्स-रे मशीन ₹33 लाख में खरीदी गई, ₹2.50 का ओआरएस पैकेट ₹15 में खरीदा गया, जबकि ₹150 की बेडशीट ₹450 में खरीदी गई।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इतने बड़े स्तर की कथित अनियमितताएं केवल डॉ. वत्सला अग्रवाल अकेले कर सकती थीं।
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि डॉ. वत्सला अग्रवाल को महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं (DGHS) के पद पर रेखा गुप्ता सरकार ने नियुक्त किया, वरिष्ठ अधिकारियों की अनदेखी कर उन्हें पदोन्नति दी और विजिलेंस जांच लंबित होने के बावजूद उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार ने नया कानून लाकर अस्पतालों के कई अधिकार वापस लेकर उन्हें DGHS और सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) को सौंप दिए, जिससे खरीद प्रक्रिया पूरी तरह केंद्रीकृत हो गई।
राजीव रंगीला के विदेश भागने का आरोप
AAP नेता ने दावा किया कि इस कथित घोटाले का मुख्य आरोपी राजीव रंगीला है, जिसकी गिरफ्तारी की मांग उनकी पार्टी लगातार करती रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) एक महीने तक उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी और अब वह जर्मनी फरार हो गया है।
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी केवल फरार नहीं हुआ बल्कि उसे देश छोड़ने में मदद मिली। उनका कहना था कि अब इस मामले की निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है क्योंकि इसमें कथित रूप से प्रभावशाली लोगों की भूमिका हो सकती है।
ACB की एफआईआर पर भी उठाए सवाल
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री इस मामले में जनता को गुमराह कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि ACB की एफआईआर में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का नाम नहीं है तथा शिकायत किसी “गुप्त स्रोत (Secret Source)” के आधार पर दर्ज की गई है।
उन्होंने मामले की निष्पक्ष, व्यापक और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आनी चाहिए।
जांच जारी
ये सभी आरोप आम आदमी पार्टी द्वारा प्रदर्शन के दौरान लगाए गए हैं। मामले की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा जारी है और दिल्ली सरकार भी इस विषय पर समय-समय पर अपना पक्ष रखती रही है।

