जनगणना 2027 की शुरुआत: पहली बार डिजिटल जनगणना और सेल्फ-एन्यूमरेशन सुविधा लागू

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नई दिल्ली: भारत सरकार ने दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना प्रक्रिया जनगणना 2027 की औपचारिक शुरुआत कर दी है। इसके तहत पहले चरण हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना (HLO) का शुभारंभ हुआ, जो देश के सबसे बड़े प्रशासनिक और सांख्यिकीय अभ्यास की शुरुआत है।

इस बार पहली बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल डेटा कैप्चर और सेल्फ-एन्यूमरेशन सुविधा के साथ की जा रही है, जिससे नागरिक अपने घर की जानकारी स्वयं ऑनलाइन भर सकेंगे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्वयं सबसे पहले सेल्फ-एन्यूमरेशन पूरा कर इस राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत की परंपरा को आगे बढ़ाया। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी ऑनलाइन स्वयं जनगणना प्रक्रिया पूरी की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की है कि वे स्वयं अपनी जानकारी भरकर इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया में भाग लें।

पहले चरण में सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा, सिक्किम और दिल्ली के NDMC व कैंटोनमेंट क्षेत्रों में शुरू की गई है। पहले ही दिन करीब 55,000 परिवारों ने इस सुविधा का लाभ उठाया।

इन क्षेत्रों में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना का फील्ड सर्वे 16 अप्रैल 2026 से 15 मई 2026 तक किया जाएगा।

सेल्फ-एन्यूमरेशन एक सुरक्षित वेब आधारित सुविधा है, जो 16 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है। नागरिक अपने मोबाइल नंबर और जरूरी जानकारी के साथ पोर्टल पर लॉगिन कर अपनी जानकारी भर सकते हैं। सफलतापूर्वक जानकारी जमा करने पर एक यूनिक सेल्फ-एन्यूमरेशन आईडी (SE ID) जनरेट होती है, जिसे बाद में गणनाकर्ता के साथ सत्यापन के लिए साझा किया जाएगा।

पहले चरण में घरों की स्थिति, सुविधाओं और संपत्तियों से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। इसके लिए 33 प्रश्नों का सेट तैयार किया गया है, जो नीति निर्माण और विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आधार बनेगा।

यह चरण पूरे देश में 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा, जिसमें प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश 30 दिनों का फील्ड सर्वे करेंगे। साथ ही, सर्वे से पहले 15 दिन का सेल्फ-एन्यूमरेशन विंडो दिया गया है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत एकत्र किया गया सारा डेटा पूरी तरह गोपनीय रहेगा। डेटा सुरक्षा के लिए आधुनिक एन्क्रिप्शन और मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग किया जा रहा है।

जनगणना 2027 आने वाले दशक के लिए देश की विकास योजनाओं की आधारशिला साबित होगी। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें और जनगणना को सफल बनाने में सहयोग करें।

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