नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने मुंगेशपुर हत्या मामले को सुलझाते हुए एक बड़े ऑपरेशन में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दिल्ली, मुंबई और हरिद्वार में छापेमारी कर इस सनसनीखेज केस का खुलासा किया।
31 मार्च 2026 को बवाना थाना पुलिस को एक खेत में एक शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने पाया कि शव काफी सड़ा हुआ था, जिससे पहचान करना मुश्किल था। बाद में मृतक की पहचान प्रदीप के रूप में हुई, जो ओछांदी गांव का रहने वाला था और थाना बवाना का बद कैरेक्टर भी था।
जांच में सामने आया कि 29 मार्च को प्रदीप अपने तीन साथियों के साथ शराब की दुकान गया था। इसके बाद सभी मुंगेशपुर इलाके में शराब पीने गए। रात करीब 10 बजे प्रदीप ने अपनी पत्नी को फोन कर बताया कि वह सोहती–कुतुबगढ़ रोड के पास है और उसकी स्कूटी पंचर हो गई है, लेकिन वह जल्द घर लौट आएगा। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया।
परिवार द्वारा तलाश के बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने पर 31 मार्च को उसकी पत्नी ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। बाद में मिला शव उसी का निकला और मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे और पकड़े जाने से बचने के लिए राहगीरों के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे।
3 अप्रैल को एक आरोपी ने उधार लिए फोन से अपने भाई को कॉल किया, जिसकी लोकेशन मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया के पास मिली। इसके बाद पुलिस टीम मुंबई रवाना हुई।
5 अप्रैल को एक और कॉल हरिद्वार रेलवे स्टेशन के पास से ट्रेस हुई, जहां पुलिस ने दूसरी टीम भेजी।
7 अप्रैल को आरोपी की लोकेशन बदली रेलवे स्टेशन के पास मिली। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय जानकारी के आधार पर पता चला कि आरोपी नरेला रेलवे स्टेशन की ओर बढ़े हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वहां पहुंचकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इंद्रजीत उर्फ सुस्सा (33), सागर (26) और मोंटी (24) के रूप में हुई है, जो सभी ओछांदी गांव के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार इंद्रजीत पहले भी 2019 के हत्या के मामले में शामिल रह चुका है
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार (ईंट) मुंगेशपुर के खेतों से बरामद किया है। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी को पानीपत से बरामद किया गया है।
आगे की कार्रवाई:
तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि यह केस उनकी त्वरित कार्रवाई, तकनीकी निगरानी और लगातार प्रयासों का परिणाम है।

