नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने कनाडा इमिग्रेशन और वर्क परमिट के नाम पर चल रहे बड़े धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने एक इमिग्रेशन कंसल्टेंट को गिरफ्तार किया है, जिस पर एक महिला से करीब ₹1.83 करोड़ की ठगी करने का आरोप है।
पुलिस जांच के मुताबिक आरोपी ने महिला को कनाडा में स्थायी बसाने, वर्क परमिट दिलाने और वहां बिजनेस ओनरशिप दिलाने का झांसा दिया था। आरोपी ने कथित तौर पर बार-बार वीजा रिजेक्ट होने के बावजूद महिला को फर्जी आश्वासन देकर उससे बड़ी रकम वसूल की।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने रकम को कई बैंक ट्रांजैक्शन और नकद निकासी के जरिए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर पैसे के स्रोत को छिपाने की कोशिश की।
साइबर सेल ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी से जुड़े कई वित्तीय लेनदेन और धोखाधड़ी से संबंधित अहम सबूत मिले।
दिल्ली पुलिस ने इसे विदेश भेजने के नाम पर लोगों को निशाना बनाने वाले संगठित इमिग्रेशन फ्रॉड नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताया है।
यह कार्रवाई: इंस्पेक्टर संदीप सिंह, इंस्पेक्टर विनय कुमार की टीम ने की, जिसकी निगरानी: एसीपी पाटिल स्वगत राजकुमार, डीसीपी आदित्य गौतम ने की।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस रैकेट में और कितने लोग शामिल थे तथा क्या अन्य लोगों को भी इसी तरह ठगा गया है।

