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मूसलाधार बारिश से सदर बाजार बेहाल; जलभराव से दुकानें डूबीं, कारोबार ठप, स्कूली बच्चों और यात्रियों को भारी परेशानी

नई दिल्ली, 9 जुलाई: राजधानी दिल्ली में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एशिया के सबसे बड़े थोक बाजारों में शुमार सदर बाजार की रफ्तार थाम दी है। बाजार की मुख्य सड़कें और गलियां घुटनों तक पानी में डूब गईं, जिससे दुकानदारों, ग्राहकों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

मैदान से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में देखा गया कि ऑटो-रिक्शा पानी में डूबते हुए आगे बढ़ रहे हैं, लोग घुटनों तक पानी में पैदल चलने को मजबूर हैं, जबकि स्कूल से लौट रहे कई बच्चे अपने जूते हाथ में लेकर जलभराव वाले रास्तों को पार करते दिखाई दिए।

बारिश के कारण बाजार की कई गलियों और दुकानों में पानी घुस गया, जिससे व्यापार प्रभावित हुआ और दुकानदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। कई स्थानों पर जलभराव के कारण लोगों के लिए यह पहचानना भी मुश्किल हो गया कि सड़क कहां है और गड्ढा कहां।

स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने आरोप लगाया कि मानसून से पहले नालों की प्रभावी डी-सिल्टिंग और सफाई नहीं की गई, जिसके कारण थोड़ी देर की बारिश में ही पूरा बाजार जलमग्न हो गया।

एक स्थानीय निवासी ने कहा कि यह समस्या हर वर्ष दोहराई जाती है।

“हर साल यही हाल होता है। थोड़ी सी बारिश होते ही पूरा इलाका पानी में डूब जाता है। आखिर तैयारी कहां हुई?” उन्होंने कहा।

जलभराव का असर यातायात पर भी साफ दिखाई दिया। कई वाहन पानी में फंस गए और लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। वाहन चालकों ने बताया कि कई बार आधे से एक घंटे तक एक ही स्थान पर फंसे रहना पड़ा क्योंकि सड़क पर पानी भरने से वाहनों की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी।

दुकानदारों ने बताया कि बारिश का पानी उनकी दुकानों के भीतर घुस गया, जिससे सामान खराब हो रहा है और व्यापार पूरी तरह प्रभावित हुआ है।

एक दुकानदार ने कहा,

“दुकान में पानी भर गया है। हमारा माल खराब हो रहा है। हर साल यही स्थिति रहती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता।”

एक अन्य व्यापारी ने आरोप लगाया कि नालों की ठीक से सफाई नहीं हुई और कई बार स्थानीय व्यापारियों को स्वयं कचरा हटाकर पानी की निकासी का रास्ता बनाना पड़ता है।

जलभराव के कारण सड़क पर बने गड्ढे पूरी तरह पानी में छिप गए, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया। कई स्थानों पर वाहन गड्ढों में फंसते और संतुलन खोते देखे गए।

लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर मानसून से पहले किए गए नालों की सफाई, सड़क मरम्मत और जलनिकासी व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर वर्ष संबंधित एजेंसियां व्यापक तैयारी और डी-सिल्टिंग का दावा करती हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश के बाद सदर बाजार जैसे प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र का जलमग्न होना इन दावों की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।

इससे पहले दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री प्रवेश वर्मा ने दावा किया था कि इस वर्ष राजधानी में जलभराव की समस्या को कम करने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। हालांकि सदर बाजार की मौजूदा स्थिति ने इन दावों पर नई बहस छेड़ दी है।

स्कूल से लौटते बच्चों, स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल अस्थायी उपायों के बजाय नालों की वैज्ञानिक सफाई, जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने और स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि हर मानसून में दोहराई जाने वाली इस समस्या से लोगों को राहत मिल सके।

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