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दिल्ली के रोहिणी में नवनिर्मित चार मंजिला इमारत ढही; तीन की मौत, एक घायल, एफआईआर दर्ज, जांच जारी

नई दिल्ली, 9 जुलाई: राजधानी दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में मंगलवार शाम एक नवनिर्मित ग्राउंड प्लस चार मंजिला इमारत ढहने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक श्रमिक घायल हो गया। घटना के संबंध में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मलबा हटाने का कार्य और दुर्घटना के कारणों की जांच जारी है।

दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) के अनुसार, इमारत गिरने के समय चार लोग मलबे में दब गए थे। बचाव दल ने सभी को बाहर निकालकर डॉ. बी.आर. अंबेडकर अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में नूरुल हुदा (20), राम दुआ (51) और राम (42) को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि सद्दाम (34) घायल हैं और उनका उपचार जारी है।

घटनास्थल पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली पुलिस, नगर निगम दिल्ली (MCD) तथा दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया।

एमसीडी की प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया?

नगर निगम दिल्ली (MCD) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में बताया कि हादसा संपत्ति संख्या G-4/152 और G-4/153 में हुआ। दोनों इमारतों का निर्माण हाल ही में SARAL योजना के तहत स्वीकृत भवन नक्शों के आधार पर किया गया था।

एमसीडी के अनुसार, दोनों भवनों के नक्शों को क्रमशः 21 मार्च 2025 और 10 अप्रैल 2025 को स्वीकृति मिली थी। प्रत्येक भूखंड का क्षेत्रफल लगभग 26 वर्ग मीटर है।

निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों और मौके पर मौजूद व्यक्तियों से पूछताछ में जानकारी मिली कि हादसे के समय इमारत में प्लंबिंग का कार्य चल रहा था।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्लंबिंग कार्य के दौरान कॉलम और बीम जैसे संरचनात्मक हिस्सों में ड्रिलिंग या कटिंग की गई हो सकती है। हालांकि इस पहलू की अभी विस्तृत जांच की जा रही है।

संरचनात्मक विफलता की आशंका

एमसीडी ने कहा कि प्रारंभिक निरीक्षण और उपलब्ध जानकारी के आधार पर संरचनात्मक विफलता (Structural Failure) अथवा नींव के असमान धंसने (Differential Settlement of Foundation) के कारण इमारत गिरने की आशंका है।

हालांकि निगम ने स्पष्ट किया है कि हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही की जा सकेगी।

एमसीडी ने यह भी कहा कि भवन निर्माण की समग्र तकनीकी निगरानी और संरचनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी स्वीकृत नक्शे से जुड़े वास्तुकार (Architect) और संरचनात्मक अभियंता (Structural Engineer) की होती है।

एफआईआर दर्ज, जांच जारी

दिल्ली पुलिस ने पुष्टि की है कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस निर्माण की गुणवत्ता, स्वीकृत नक्शे के अनुरूप निर्माण, संभावित लापरवाही और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है।

अधिकारियों ने बताया कि मलबा हटाने का कार्य जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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