नई दिल्ली, 11 जुलाई: दिल्ली पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर ₹37.5 लाख की कथित लूट के मामले का खुलासा करते हुए दावा किया है कि यह पूरी वारदात कंपनी के ही कर्मचारियों द्वारा रची गई फर्जी (सेल्फ-स्टेज्ड) लूट की साजिश थी। मामले में कंपनी के दो कर्मचारियों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, वजीराबाद थाना और उत्तर जिला स्पेशल स्टाफ की संयुक्त टीम ने मामले की जांच के दौरान पाया कि शिकायतकर्ता के साथ काम करने वाले अभिषेक और योगेश ने अपने साथी विपिन सहित अन्य लोगों के साथ मिलकर कंपनी के पैसे हड़पने की साजिश रची थी।
जांच में पुलिस को पता चला कि घटना के दौरान जनता की मदद से पकड़े गए एक आरोपी को दोनों कर्मचारियों ने कथित तौर पर कंधे पर काटने का नाटक रचकर मौके से फरार होने का अवसर दिलाया। पुलिस का कहना है कि यह पूरी कहानी जांच को गुमराह करने के उद्देश्य से बनाई गई थी।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर आरोपियों की कहानी झूठी साबित हुई और पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया।
मामले में विपिन सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से कथित रूप से लूटी गई राशि में से ₹36.92 लाख नकद, चार मोबाइल फोन तथा वारदात में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (उत्तर जिला) निहारिका भट्ट, आईपीएस तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त (सेंट्रल रेंज) मधुर वर्मा, आईपीएस के मार्गदर्शन और पर्यवेक्षण में की गई।
जांच में एसीपी बुराड़ी शशिकांत गौर, एसीपी ऑपरेशंस विशेष दत्तरवाल, एसएचओ वजीराबाद इंस्पेक्टर प्रशांत आनंद, इंस्पेक्टर रोहित सारस्वत तथा वजीराबाद थाना एवं स्पेशल स्टाफ की टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि त्वरित जांच, तकनीकी विश्लेषण और साक्ष्यों के आधार पर महज 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर फर्जी लूट की साजिश को विफल कर दिया गया।

