नई दिल्ली, 3 जून: मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने राजधानी में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक व्यापक और कड़े प्रवर्तन अभियान की घोषणा की है। उन्होंने गृह मंत्री आशीष सूद के साथ एक आपातकालीन उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार के गृह विभाग के तहत अग्नि सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बहु-विभागीय कार्ययोजना तैयार की गई है।
उपराज्यपाल ने बताया कि 4 जून से पूरे दिल्ली में एक माह तक चलने वाला उच्च-स्तरीय प्रवर्तन एवं रोकथाम अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत जिला मजिस्ट्रेट (डीएम), पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) और एमसीडी के उपायुक्त संयुक्त रूप से होटलों, गेस्ट हाउसों, नर्सिंग होमों, कोचिंग सेंटरों तथा अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों का व्यापक निरीक्षण और फायर सेफ्टी ऑडिट करेंगे।
उन्होंने कहा कि जहां भी अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां तत्काल कार्रवाई करते हुए गैर-अनुपालक प्रतिष्ठानों को सील किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य राजधानी में संभावित अग्नि दुर्घटनाओं को रोकना और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करना है।
संधू ने कहा कि इस विशेष अभियान की निगरानी दिल्ली के मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त संयुक्त रूप से करेंगे ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
मालवीय नगर अग्निकांड की जांच के लिए एक मजिस्ट्रियल जांच के भी आदेश दिए गए हैं। जांच के दौरान घटना के कारणों का पता लगाया जाएगा और यह निर्धारित किया जाएगा कि दुर्घटना के लिए कौन जिम्मेदार है।
उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी में अग्नि सुरक्षा मानकों के सख्त अनुपालन के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करेगी।
मालवीय नगर हादसे के बाद शुरू किया जा रहा यह अभियान हाल के वर्षों में दिल्ली में चलाए जाने वाले सबसे बड़े फायर सेफ्टी प्रवर्तन अभियानों में से एक माना जा रहा है।

