नई दिल्ली: दिल्ली के पूर्वी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मेयर सरदार राजा इकबाल सिंह ने शुक्रवार को स्वामी दयानंद अस्पताल के ओपीडी ब्लॉक में अत्याधुनिक नेत्र देखभाल केंद्र (Advanced Eye Care Centre) का उद्घाटन किया। यह केंद्र पूर्वी दिल्ली और आसपास के इलाकों के लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली और सस्ती नेत्र चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करेगा।
यह केंद्र आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ सेवाओं से सुसज्जित है, जिससे आंखों से जुड़ी बीमारियों के इलाज और रोकथाम में बड़ी मदद मिलेगी।
मेयर ने अपने दौरे के दौरान अस्पताल की लैक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट और आईसीयू (ICU) का निरीक्षण किया और गंभीर मरीजों के लिए उपयोगी कंटीन्यूस रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी (CRRT) मशीन की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की।
अत्याधुनिक तकनीक से बेहतर इलाज
इस केंद्र में निम्नलिखित उन्नत मशीनें स्थापित की गई हैं:
- ND:YAG लेजर मशीन
- ग्रीन लेजर मशीन
- ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी (OCT) मशीन
ये मशीनें ग्लूकोमा और डायबिटिक रेटिनोपैथी जैसी गंभीर आंखों की बीमारियों के निदान और उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
मेयर का विजन
इस मौके पर मेयर सरदार राजा इकबाल सिंह ने कहा कि *दिल्लीवासियों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र सभी नागरिकों को समय पर, किफायती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा, “आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता के माध्यम से हम दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधा
स्टैंडिंग कमेटी की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि ऐसे उन्नत केंद्रों से लोगों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी, जिससे बड़े अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी।
हीटवेव से निपटने की तैयारी
अतिरिक्त आयुक्त पंकज नरेश अग्रवाल ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए सभी जरूरी इंतजाम किए जाएं। साथ ही, अस्पताल में ‘ORS कॉर्नर’ स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि डिहाइड्रेशन और डायरिया जैसी समस्याओं से बचाव किया जा सके।
कार्यक्रम में पुनीत शर्मा (अध्यक्ष, शाहदरा नॉर्थ जोन), वीर सिंह पवार (पार्षद), डॉ. राजेश कुमार बंसल (निदेशक, अस्पताल प्रशासन) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
यह पहल दिल्ली में सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और विशेष चिकित्सा सेवाओं को आम जनता तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

