नई दिल्ली, 3 जून: दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में लगी भीषण आग में मृतकों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है। वहीं 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के अनुसार, बचाव एवं राहत अभियान पूरा कर लिया गया है और आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है।
दिल्ली पुलिस और दिल्ली अग्निशमन सेवा के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि होटल में फंसे सभी लोगों को बाहर निकाल लिया गया है। हालांकि कई घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
प्रारंभिक जांच में आग लगने का संभावित कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि वास्तविक कारण का पता विस्तृत फोरेंसिक जांच के बाद ही चल सकेगा।
अब जांच का फोकस इस बात पर है कि क्या होटल में अग्नि सुरक्षा मानकों, भवन नियमों और अन्य आवश्यक सुरक्षा प्रावधानों का पालन किया गया था या नहीं। जांच एजेंसियां होटल की संरचनात्मक स्थिति, आपातकालीन निकास व्यवस्था और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता की भी जांच कर रही हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग तेजी से पूरे भवन में फैल गई, जिसके बाद कई लोगों को जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से कूदना पड़ा। स्थानीय लोगों ने नीचे गद्दे और रजाइयां बिछाकर फंसे लोगों की मदद करने का प्रयास किया।
घटना के दौरान होटल में घना धुआं भर गया था, जिससे कई लोग बाहर निकलने का रास्ता नहीं ढूंढ सके। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कुछ लोगों की मौत दम घुटने से हुई, जबकि अन्य गंभीर रूप से झुलस गए।
जांच के दौरान होटल की क्षमता और लाइसेंसिंग से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों द्वारा यह सत्यापित किया जा रहा है कि भवन में स्वीकृत क्षमता से अधिक कमरे तो संचालित नहीं किए जा रहे थे और कहीं कोई अनधिकृत निर्माण या विस्तार तो नहीं किया गया था।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर राजधानी में होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन और नियमित निरीक्षण की आवश्यकता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दिल्ली पुलिस, अग्निशमन विभाग और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। भवन की विद्युत व्यवस्था, निकास मार्गों और अग्निशमन सुविधाओं की भी विस्तृत जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यह तय किया जाएगा कि हादसे के लिए किस स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन जिम्मेदार था। दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
राजधानी में हाल के वर्षों के सबसे बड़े होटल अग्निकांडों में शामिल इस हादसे ने सुरक्षा मानकों के कड़े अनुपालन और प्रभावी निगरानी व्यवस्था की आवश्यकता को फिर से केंद्र में ला दिया है।
पीड़ित परिवारों के लिए फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ऐसी कौन सी चूक हुई, जिसके कारण 21 लोगों की जान चली गई।

