नई दिल्ली, 25 मई: दिल्ली पुलिस ने कुछ ही घंटों में एक सनसनीखेज कथित अपहरण मामले का खुलासा करते हुए पाया कि 10 महीने की बच्ची की हत्या उसके ही पिता ने की थी, जिसने बाद में पुलिस को गुमराह करने के लिए फर्जी अपहरण की कहानी रची।
यह मामला आउटर नॉर्थ दिल्ली के भलस्वा डेयरी थाना क्षेत्र स्थित मुकुंदपुर पार्ट-2 इलाके का है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, 24 मई को एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई थी, जिसमें 10 महीने की बच्ची के अपहरण की सूचना दी गई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कई पुलिस टीमें गठित की गईं और तत्काल जांच शुरू की गई।
पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ परिवार के सदस्यों से पूछताछ शुरू की।
शिकायतकर्ता दीपक ने पुलिस को बताया था कि वह कुछ मिनटों के लिए बिस्कुट खरीदने बाहर गया था और इसी दौरान उसकी बेटी बिस्तर से गायब हो गई।
हालांकि, जांच के दौरान पुलिस को उसके बयान और घटनाक्रम में कई विरोधाभास मिले।
सीसीटीवी फुटेज की फ्रेम-दर-फ्रेम जांच में भी पिता के दावों की पुष्टि नहीं हुई, जिसके बाद पुलिस का शक गहरा गया।
कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी दीपक टूट गया और उसने अपना अपराध कबूल कर लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बताया कि वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और दूसरी बेटी की परवरिश का खर्च उठाने में खुद को असमर्थ महसूस कर रहा था।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने बच्ची की हत्या कर उसका शव अपने ही घर के सेप्टिक टैंक में फेंक दिया और बाद में अपहरण की झूठी कहानी बनाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने बच्ची का शव घर के सेप्टिक टैंक से बरामद कर लिया।
इसके बाद पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या की धारा जोड़ते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी दीपक, उम्र 25 वर्ष, मुकुंदपुर का निवासी है और जी.डी. गोयनका पब्लिक स्कूल, मॉडल टाउन में स्कूल वैन चालक के रूप में काम करता था।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि तेज जांच, तकनीकी विश्लेषण और पुलिस टीमों के समन्वित प्रयासों की वजह से मामले का खुलासा बेहद कम समय में संभव हो सका।
मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।

