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दिल्ली-एनसीआर में मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित; जलभराव, ट्रैफिक जाम और अव्यवस्थाओं ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें

नई दिल्ली, 9 जुलाई: दिल्ली-एनसीआर में पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम समेत कई इलाकों में सड़कों पर जलभराव, लंबा ट्रैफिक जाम और आवागमन में भारी बाधा देखने को मिल रही है। सप्ताह के कार्यदिवस होने के कारण लाखों दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

लगातार हो रही बारिश के कारण राजधानी और आसपास के कई निचले इलाकों में पानी भर गया। कई प्रमुख सड़कें, सर्विस लेन और आवासीय क्षेत्रों के बाहर जलभराव होने से वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई और अनेक स्थानों पर लंबा जाम लग गया। कई जगह सड़कें तालाब जैसी दिखाई दीं।

बारिश का सबसे अधिक असर स्कूल जाने वाले बच्चों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ा। कई स्थानों पर स्कूल बसें समय पर नहीं पहुंच सकीं, जबकि भारी ट्रैफिक के कारण बड़ी संख्या में लोग समय पर अपने कार्यालय नहीं पहुंच पाए।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर भारत के कई हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। दिल्ली-एनसीआर भी सक्रिय मानसूनी प्रणाली के प्रभाव में है और आने वाले समय में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

हालांकि इस बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, लेकिन इसके साथ ही राजधानी की शहरी व्यवस्थाओं की तैयारियों पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

दिल्ली के अलावा नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी कई स्थानों पर भारी जलभराव देखा गया। अनेक आवासीय कॉलोनियों के बाहर पानी भर जाने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। कई स्थानों पर वाहन पानी में फंस गए और लोगों को पैदल निकलने के लिए भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

बारिश ने सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। कई स्थानों पर सड़कों के गड्ढे बारिश के पानी में पूरी तरह छिप गए, जिससे वाहन चालकों, पैदल यात्रियों और पशुओं के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया। ऐसे हालात में सड़क पर चलना भी जोखिम भरा साबित हो रहा है।

इस बीच, मानसून से पहले किए जाने वाले नालों की डी-सिल्टिंग, गड्ढों की मरम्मत और जल निकासी व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक तैयारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं। हर वर्ष संबंधित एजेंसियां मानसून से पहले व्यापक तैयारी और सफाई अभियान का दावा करती हैं, लेकिन पहली ही भारी बारिश के बाद राजधानी और एनसीआर के कई हिस्सों में जलभराव की पुनरावृत्ति इन दावों पर प्रश्नचिह्न लगा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नालों की समय पर और पूरी गहराई तक सफाई की गई होती तथा जल निकासी व्यवस्था प्रभावी होती, तो इतनी व्यापक जलभराव की स्थिति उत्पन्न नहीं होती।

मौसम विभाग ने अगले कुछ समय तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है और लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने, सावधानीपूर्वक वाहन चलाने तथा स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।

लगातार हो रही बारिश के बीच अब नागरिकों की निगाहें दिल्ली सरकार, नगर निगमों और अन्य संबंधित एजेंसियों पर हैं कि वे जलभराव, ट्रैफिक प्रबंधन और राहत कार्यों को कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से संभालते हैं।

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