नई दिल्ली, 9 जुलाई: राजधानी दिल्ली में मानसून के बीच नालों की सफाई को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर @DelhiComplaint नामक हैंडल ने दावा किया है कि स्वरूप नगर स्थित ग्रीन वैली कॉन्वेंट स्कूल के पास नाले की सफाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है और वास्तविक डी-सिल्टिंग (गाद निकासी) नहीं की गई।
पोस्ट के साथ साझा किए गए वीडियो और तस्वीरों में दावा किया गया है कि ब्लॉक-डी, भट्टा रोड, स्वरूप नगर, भलस्वा स्थित नाले से केवल ऊपर दिखाई देने वाला कचरा हटाया गया, जबकि नाले की गहराई में जमी गाद और मलबा यथावत पड़ा हुआ है। पोस्ट में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उपराज्यपाल, एमसीडी, दिल्ली पुलिस तथा कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों को टैग करते हुए मामले में हस्तक्षेप की मांग की गई है।
पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि सफाई कर्मचारियों ने केवल सतही कचरा हटाकर फोटो खिंचवाई, रिपोर्ट तैयार की और सफाई कार्य पूरा होने का दावा कर दिया, जबकि वास्तविक सफाई नहीं हुई।
पोस्ट के अनुसार, नालों की वास्तविक सफाई का अर्थ केवल ऊपर से कचरा हटाना नहीं, बल्कि पूरी गहराई तक जमी गाद और मलबा निकालना, पानी के बहाव के पूरे मार्ग को अवरोध मुक्त करना, निकाली गई गाद को तुरंत निर्धारित स्थान पर ले जाना, आउटलेट एवं क्रॉस-ड्रेनेज की सफाई करना तथा अंत में स्थल का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करना है कि वर्षा का पानी बिना किसी रुकावट के बह सके।
पोस्ट में कहा गया है कि केवल सतही सफाई कर फोटो खिंचवाना और उसे सफाई कार्य बताना जनता को गुमराह करने जैसा है। यदि नालों की पूरी गहराई तक डी-सिल्टिंग नहीं होगी तो मानसून के दौरान जलभराव की समस्या बनी रहेगी।
स्थानीय लोगों ने भी चिंता जताई है कि यदि समय रहते वैज्ञानिक तरीके से नालों की सफाई नहीं की गई तो क्षेत्र, विशेषकर स्कूलों और आवासीय इलाकों में, बारिश के दौरान जलभराव की समस्या और गंभीर हो सकती है।
पोस्ट में दिल्ली सरकार और नगर निगम से अपील की गई है कि फोटो-ऑप आधारित सफाई के बजाय परिणाम देने वाली वास्तविक सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि राजधानी में जलभराव की समस्या को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।
समाचार प्रकाशित किए जाने तक नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) अथवा दिल्ली सरकार की ओर से इस सोशल मीडिया पोस्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।

