नई दिल्ली, 27 मई: दिल्ली के मेयर प्रवेश वाहि ने राजधानी में छोटे भवनों के रेगुलराइजेशन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब 105 वर्गमीटर तक की इमारतों के नियमितीकरण के लिए इंजीनियर द्वारा अनिवार्य भौतिक निरीक्षण की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अनुसार यह निर्णय नागरिकों को लंबे समय से चली आ रही जटिल प्रक्रियाओं और अनावश्यक देरी से राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है।
नई व्यवस्था के तहत लगभग 127 वर्ग गज तक के भवनों का नियमितीकरण अब पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।
मेयर प्रवेश वाहि ने कहा कि भवन मालिकों को केवल अधिकृत आर्किटेक्ट से प्रमाणित एक अंडरटेकिंग और निर्धारित शुल्क जमा करना होगा, जिसके बाद एमसीडी तय समय सीमा के भीतर नियमितीकरण प्रक्रिया पूरी करेगी।
उन्होंने कहा कि यह फैसला नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित होगा और लंबित नियमितीकरण मामलों के निपटारे में तेजी आएगी।
एमसीडी अधिकारियों के अनुसार इस नई व्यवस्था से प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी, लोगों का समय और संसाधन बचेंगे तथा निगम के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
मेयर प्रवेश वाहि ने कहा कि दिल्ली नगर निगम की भाजपा नेतृत्व वाली व्यवस्था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मार्गदर्शन में नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि नगर प्रशासन का उद्देश्य जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना और शासन को अधिक सरल, पारदर्शी तथा नागरिक हितैषी बनाना है।

